Jab We Visited Kedarnath

  It had almost been a year since I’d visited Dharamshala in Himachal Pradesh for a 15-day volunteer program. Apart from a memorable 2-day visit to Chikmagalur in October last year, I had hardly seen the hills in the last one year. Saying that I was craving them, would be an understatement. I started to…

कही डूब ना जाए 

इस सूरज के चले जाने से जाने क्यों लोग घबराते है जब ये नन्ही बूँदें बरसती है सड़के खाली क्यों हो जाती है ? क्यों लोग अक्सर  छाओ में पनाह ढूंढा करते है क्यों ना खुले आसमा को अपना खुदा ना समझते है खुदा ना सही इश्क़ ही सही कभी इन बूंदो को गले लगा…